खंड 2 No. Issue: 5, July, 1524-1535 (2025) (2025): प्राथमिक स्तर पर समावेशी शिक्षा: बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगता के परिपेक्ष्य में एक दृष्टिकोण
सार
समावेशी शिक्षा का उद्देश्य सभी बच्चों को, उनकी व्यक्तिगत क्षमताओं, आवश्यकताओं एवं भिन्नताओं के बावजूद, समान शैक्षिक अवसर प्रदान करना है। वर्तमान समय में प्राथमिक विद्यालयों में बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांग बच्चों की शिक्षा एक महत्वपूर्ण शैक्षिक चुनौती के रूप में उभर रही है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य प्राथमिक विद्यालयों में बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांग बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा की स्थिति, उपलब्ध संसाधनों, शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं तथा शिक्षकों की भूमिका का अध्ययन करना है। इस अध्ययन में वर्णनात्मक शोध पद्धति का प्रयोग किया गया है तथा आँकड़ों का संकलन प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों एवं संबंधित अभिलेखों के माध्यम से किया गया है। अध्ययन के निष्कर्षों से यह स्पष्ट होता है कि समावेशी शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उपयुक्त शैक्षिक संसाधनों, विशेष प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों, सहयोगी सेवाओं तथा सकारात्मक विद्यालयी वातावरण की आवश्यकता है। साथ ही, यह भी पाया गया कि सीमित संसाधन, शिक्षकों में प्रशिक्षण की कमी तथा जागरूकता का अभाव समावेशी शिक्षा के मार्ग में प्रमुख बाधाएँ हैं। अतः यह अध्ययन सुझाव देता है कि प्राथमिक स्तर पर बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांग बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा को सफल बनाने हेतु नीति-निर्माण, शिक्षक प्रशिक्षण, अभिभावक सहभागिता तथा विद्यालयी संसाधनों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
बीज शब्द: समावेशी शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगता, दिव्यांग बच्चे, शिक्षक प्रशिक्षण

